इश्क़ था,
हंसाया भी,रुलाया भी
जान से बढ़कर चाहा जिसको,
जान उसी ने ली हमारी।
वो हसीं पल,वो बातें
गुम हो गईं,तन्हाई के अंधेरे में।
चोट कुछ ऐसी लगी दिल पे,
के हम ख़ुद को भूल गए।
इश्क था,
जोड़ा भी,तोड़ा भी
अपनी हंसी छोड़ आए हम,
टूटे दिलों की टोली में।
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